फरार वारंटी सीमावर्ती जिलों में छिपकर करने लगे थे गुजर-बसर, पुलिस की न्यायालय पेश
कई वारंट जारी होने से थे अंजान, कोई ऑटो चला रहा तो कोई सब्जी बेच रहा था

रायगढ़ । पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा फरार वारंटियों, आरोपियों तथा गुंडा, बदमाशों की जांच के लिये 16 जून से सप्ताहभर का विशेष अभियान पूरे जिले में चलाया गया था, जिसमें 156 स्थाई वारंटी, 15 गिरफ्तारी वारंट एवं 257 जमानती वारंट और समंस की तामिली की गई है। अभियान दौरान लंबित गंभीर मामलों के फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।

तामिल किये गये स्थायी वारंटियों की भी अनोखी कहानी है। कई ऐसे वारंटी थे, जिन्हें वारंट जारी होने की जानकारी नहीं थी। कई शातिर आरोपी जिले के अपराध में संलग्न होने से न्यायालय द्वारा वारंट जारी किये जाने पर पहचान छिपाकर सीमावर्ती जिलों में गुजर-बसर करने लगे थे।

चौकी कनकबीरा का फरार स्थाई वारंटी पुरूषोत्तम चौहान पर दहेज प्रताड़ना के मामले में JMFC सारंगढ़ के न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। चौकी प्रभारी कनकबिरा गिरधारी साव लगातार वारंटी के घर पर दबिश दे रहे थे। वारंटी फरार था, मुखबिर लगाने पर जानकारी मिली कि वारंटी रायपुर में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा है, जिसे गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।

चौकी जूटमिल का स्थायी वारंट मुन्ना उर्फ दीपक सिदार जांजगीर के होटल में अपनी पहचान छिपाकर काम कर रहा था। चोरी के मामले का स्थायी वारंटी रंजन गोड़, जूटमिल झोपड़ीपारा पिछले 10 साल से दूसरे राज्य जाकर छिपा था जो अपने परिचितों से यहां की जानकारी लेते रहता था। कुछ दिन पहले रंजन गोड़ सब्जी बेचने के काम में लग गया था,जिसकी जानकारी मिलने पर वारंट की तामिली करते हुए रंजन गोड़ को न्यायालय पेश किया गया। जूटमिल का ही स्थायी वारंटी सुशील चौहान पहचान छिपाकर ऑटो चला रहा था, लॉकडाउन के कारण बाहर रहने से पेशी पर उपस्थित नहीं हो पाना बताया।

जमानतीय अपराधों के आरोपी भी लंबे समय से न्यायालय उपस्थित नहीं हो रहे थे, वारंट के जारी होने पर पुलिस टीम फरार वारंटियों के सकुनत दबिश देकर परिवारजनों को न्यायालय उपस्थित होने की हिदायत दी जा रही थी, लगातार दबाव बनाने पर कई वारंटी गांव आये,जिन्हें  न्यायालय पेश किया गया है। अभियान दौरान पुलिस कई गंभीर अपराधों के आरोपियों को दिगर प्रांत से पकड़ कर लायी है। लॉकडाउन के दौरान माननीय न्यायालय के आदेश पर जमानती/समंस न्यायालय जमा किया गया था। न्यायालयीन कार्य सुचारू रूप से आरंभ होने से अब लगातार वारंट व समंस थाना, चौकी को प्राप्त हो रहे हैं। अभियान दौरान रिकार्ड 428 स्थायी, गिरफ्तारी, जमानती वारंट और समंस की तामिली कर न्यायालय पेश किया गया है।

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