राज्य स्वास्थ्य विभाग ने आइवरमेकटिन, डाक्सीसाइक्लिन और पैरासिटामॉल लेते रहने की दी सलाह
आने वाले कुछ दिन अहम, सावधानी बरतें : सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी
कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं तो तुरंत टेस्ट कराएं : डॉ. योगेश पटेल

रायगढ़ 23 अप्रैल 2021। किसी को कोरोना के लक्षण हैं और उनकी टेस्ट रिपोर्ट नहीं आई तो वह इस रिपोर्ट के बिना भी दवाई ले सकते हैं। इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संभावित मरीजों के लिये इलाज का नया प्रोटोकॉल जारी किया है। संभावित मरीजों को पांच दवाएं लेने की सलाह दी गई है। इसमें आइवरमेकटिन, डाक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, विटामिन-सी और जिंक की गोलियां शामिल हैं। सीएमएचओ ने इन दवाओं को देने के लिए सरकारी एवं निजी चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के सभी डीन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को यह प्रोटोकॉल जारी किया है जिसे राज्य स्तरीय ट्रीटमेंट कमेटी ने तय किया है।  इसके  अनुसार सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने में देरी हो रही है ऐसी दशा में लक्षण वाले मरीजों को इलाज तत्काल उपलब्ध कराना है। जब तक कोरोना की पुष्टि नहीं हो जाती तब तक के लिये कमेटी ने आइवरमेकटिन को दिन भर में एक गोली भोजन के बाद पांच दिनों तक, डाक्सीसाइक्लिन की एक-एक गोली सुबह-शाम सात दिनों तक, पैरासिटामोल की एक-एक गोली चार बार तीन दिनों तक, तीन दिन के बाद बुखार और बदन दर्द होने पर पैरासिटामॉल दिया जा सकता है। विटामिन सी की एक-एक गोली भोजन के बाद 10 दिनों तक और जिंक टेबलेट की एक गोली रोज 10 दिनों तक खाने को कहा है। यह दवाएं सरकार को उपलब्ध कराना है।

इस संदर्भ में कोविड-19 के सैंपलिंग-टेस्टिंग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. योगेश पटेल ने बताया; कोरोना की यह दूसरी लहर खतरनाक है, कम से समय में ही कई विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं तो वह तुरंत कोरोना जांच कराए। रैपिड एंटीजन रिपोर्ट तो तुरंत आ जाती है पर कई दफे आरटीपीसीआर व ट्रू नाट की रिपोर्ट को आने में समय लग जाता है क्योंकि लगातार कोविड के मामले बढ़ते जा रहे हैं और लैब में पैंडेसी बढ़ गई है। लक्षण वाले मरीजों की यदि रिपोर्ट नहीं आती है तो लोग स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुझाए दवाई का कोर्स जरूर लें। यह दवाई आपको सैंपलिंग सेंटर व मितानिनों के पास से मिल जाएगी। लक्षण होने पर बिना जांच कराए घर में ही दवा लेने का विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

संयम बरतें और लापरवाही न करें : सीएमएचओ डॉ. केसरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकार डॉ. एसएन केसरी ने बताया “कोरोना की दूसरी लहर की पीक अभी चल रही है कोई भी नहीं जानता है प्रतिदिन केस कितने बढ़ेंगे हम और आप मिलकर इसे रोक सकते हैं। हमें कोविड रोकथाम अनुरूप निर्देशों का पालन करना है। लोग कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं व जिन लोगों में कोरोना के लक्षण हैं वो कोताही न बरतें अवश्य जांच कराएं। यदि आपकी रिपोर्ट नहीं आती है और लक्षण हैं तो आइवरमेकटिन, डाक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, विटामिन-सी और जिंक की गोलियां खाएं। हमें संयम बरतना है और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलना है आने वाले कुछ दिन बेहद अहम है।“

किस काम की कौन सी दवा
डॉक्टर योगेश पटेल ने बताया, आइवरमेकटिन एक एंटी पैरासाइट है। यह परजीवियों के संक्रमण के उपचार में काम आता है। वहीं डाक्सीसाइक्लिन एक एंटी बॉयोटिक है। जीवाणुओं के संक्रमण को ठीक करने में कारगर है। पैरासिटामॉल 650 मिग्रा बुखार और दर्द की दवा है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिये 10 अप्रैल को इन दवाओं का प्रोटोकाल तय हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इसे संदिग्ध मरीजों के लिये भी जारी कर दिया।

गुनगुना पानी, भाप और व्यायाम करें
ट्रीटमेंट कमेटी ने लक्षण वाले मरीजों को रिपोर्ट आने से पहले प्रतिदिन 3 से 4 लीटर गुनगुना पानी पीने, दिन में तीन बार भाप लेने की सलाह दी है। उसके साथ ही रोज आठ घंटे की नींद और 45 मिनट व्यायाम करने या टहलने की सलाह दी गई है। ऐसे मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की रिपोर्ट लेते रहने को कहा गया है। ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत से कम होने पर अथवा सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर को सूचीत करने का निर्देश है।

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