कोरबा | 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को कोविड-19 का टीका लगाने की शुरूआत एक अप्रैल से हो चुकी है। इसी कड़ी में जिले के लोकप्रिय कवि प्रभाकर शुक्ला और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ममता शुक्ला ने भी कोरोना का टीका लगवाया है। कवि प्रभाकर शुक्ला ने कोविड संक्रमण से बचाव के सुरक्षात्मक उपायों को अपनाने तथा आसपास के लोगों को जागरूक करने और 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों से कोविड वैक्सीन लगवाने की अपील की है। खुद को सपत्नीक टीका लगवाने के बाद कवि प्रभाकर ने कहा कि कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। मैनें लगवा लिया है, अब सभी 45 साल से अधिक के कोरबा वासी टीका लगवाएं, खुद कोरोना से सुरक्षित रहें, अपने परिजनों को भी कोरोना से बचाएं और अपने आसपास के लोगों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा है कि वैक्सीनेशन के लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है तथा लोग नजदीकी टीकाकरण केन्द्र में जाकर टीका लगवा सकते हैं। वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित है इसलिए बिना डर-भय के टीका लगवाएं, साथ ही साथ टीकाकरण के पश्चात भी कोरोना से बचाव उपायों को पूर्ववत अपनाने को कहा है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए पंजीयन की प्रक्रिया बड़ी सरल है, मोबाईल के माध्यम से अथवा स्वयं केन्द्र में उपस्थित होकर पंजीयन किया जा सकता है।

कवि प्रभाकर ने कोरोना से बदले हालातों पर कई समसामयिक कविताएं रची है। कवि प्रभाकर की ‘‘बचे कोरोना के कारवां से‘‘ ‘‘सारा समर्पण सब कुछ फोन‘‘ ‘‘सरपंच हमर गांव के‘‘ ‘‘हर ओर बस कोरोना-कोरोना‘‘ ‘‘मैं ही हुं वो कोरोना-पास आओगे तो पड़ेगा रोना‘‘ जैसी कविताएं इस महामारी के प्रति लोगों को जागरूक और सचेत करती हैं। हाथ धोना, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन करने का संदेश कवि प्रभाकर की कविताओं में विशेष रूप से उल्लेखित है।

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