रायगढ़ | राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अन्तर्गत जिले के सभी विकास खण्ड में स्व-सहायता समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन का गठन किया जा रहा है। जिले में अभी तक कुल 11360 स्व-सहायता समूह, 791 ग्राम संगठन व 36 संकुल संगठन का गठन हो चुका है।

स्व-सहायता समूह के सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और उन्हें प्रतिमाह 6000 रूपये की आय प्राप्त हो, इस हेतु योजना के विभिन्न घटकों से उन्हें लाभांवित किया जा रहा है। स्व-सहायता समूह को योजनान्तर्गत 15 हजार चक्रिय निधि के रूप में, 60 हजार सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहयोग भी किया जाता है। साथ ही साथ बैंक ऋण प्रकरण तैयार कर उनके आर्थिक स्थिति में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना अन्तर्गत समूह को गोठानों से जोड़ा जा रहा है। जिले के स्व-सहायता समूह द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पाद भी तैयार कर स्थानीय स्तर पर विक्रय किया जा रहा है। जिले में अभी 325 सक्रिय गोठान है, जिनमें वर्मी उत्पादन के साथ-साथ स्व-सहायता समूह द्वारा साबून, सर्फ, अगरबत्ती, आचार, बड़ी, पापड़ इत्यादि सामग्री तैयार किया जा रहा है। स्व-सहायता समूह व्दारा उत्पादित सामग्री में गुणवत्ता के साथ-साथ पैकेजिंग व ब्राडिंग अच्छा हो इस हेतु प्रयास किया जा रहा है कि आगामी समय से स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पाद सामग्री केलो रायगढ़ ब्राण्ड के नाम से बिक सके।

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